हरियाणा विधानसभा का पहला दिन हंगामे की भेंट, धक्का-मुक्की पर बवाल; 8 कांग्रेस विधायक सस्पेंड

चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे टकराव के साथ शुरू हुआ। सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने काले कपड़े पहनकर विधानसभा भवन तक पैदल मार्च किया। हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे विधायकों ने सफाई कर्मचारियों की मांगों, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और पेपर लीक समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
विधानसभा भवन में प्रवेश के दौरान कांग्रेस विधायकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विधायकों को अंदर जाने से रोका गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। यही मुद्दा सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद हंगामे का मुख्य कारण बन गया।
शोक प्रस्ताव के बाद धक्का-मुक्की पर शुरू हुआ विवाद
सदन की कार्यवाही की शुरुआत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा शोक प्रस्ताव पढ़ने से हुई। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य विधायकों ने भी दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी।
शोक प्रस्ताव के तुरंत बाद कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने विधानसभा के बाहर हुई कथित धक्का-मुक्की का मुद्दा उठाया। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी स्पीकर के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
हुड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायकों के साथ विधानसभा के बाहर दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें सदन में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश हुई। उन्होंने कहा कि इस दौरान कुछ विधायकों को चोटें भी आईं।
‘हमारे साथ मिसबिहेव हुआ’, हुड्डा ने उठाए सवाल
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्पीकर हरविंद्र कल्याण से मामले पर जवाब मांगते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कड़ी नाराजगी जताई।
वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया। कैबिनेट मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि कांग्रेस गलत आरोप लगा रही है। उन्होंने कांग्रेस विधायकों के काले कपड़े पहनकर आने पर भी टिप्पणी की।
इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन में ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ के नारे लगाने शुरू कर दिए।
दो बार स्थगित करनी पड़ी सदन की कार्यवाही
हंगामा लगातार बढ़ता गया तो विधानसभा अध्यक्ष ने पहली बार सदन की कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी कांग्रेस विधायक धक्का-मुक्की के मुद्दे पर चर्चा की मांग करते रहे। हुड्डा के आरोपों पर स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने कहा कि उन्हें पूरे मामले की जानकारी लेनी होगी और बिना तथ्य जाने वह कोई आदेश नहीं देंगे।
कांग्रेस विधायकों की ओर से विधानसभा के बाहर हुई घटना का वीडियो सदन में दिखाने की मांग भी रखी गई। हालांकि स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए इस मांग को स्वीकार नहीं किया।
इसके बाद हंगामा फिर बढ़ गया और विधानसभा की कार्यवाही दूसरी बार 30 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
वेल में पहुंचे कांग्रेस विधायक, जमकर हुआ हंगामा
कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी कांग्रेस विधायक शांत नहीं हुए। कई विधायक सदन के वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए विरोध जताया।
स्पीकर की ओर से बार-बार विधायकों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की गई, लेकिन हंगामा जारी रहा। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कार्रवाई करते हुए आठ कांग्रेस विधायकों को नेम कर दिया।
इन 8 कांग्रेस विधायकों को किया गया सस्पेंड
स्पीकर ने इंदु राज नरवाल, विकास सहारण, देवेंद्र हंस, शकुंतला खटक, आदित्य सुरजेवाला, गोकुल सेतिया, जस्सी पेटवाड़ और बलराम दांगी को दिनभर की विधानसभा कार्यवाही से निलंबित कर दिया।
विधायक आफताब अहमद को भी स्पीकर की ओर से चेतावनी दी गई।
स्पीकर की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
काले कपड़ों में मार्च से शुरू हुआ था विरोध
दरअसल, विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने काले कपड़े पहनकर विधानसभा भवन तक मार्च किया था। उनके हाथों में सफाई कर्मचारियों की मांगें पूरी करने, युवाओं को रोजगार देने और अन्य जनहित के मुद्दों से जुड़ी तख्तियां थीं।
कांग्रेस ने पेपर लीक, कानून-व्यवस्था और कर्मचारियों की मांगों समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।



