Haryana Cabinet Meeting: हुड्डा की कोठी का ₹27 लाख पीनल रेंट फिर चर्चा में! पत्रकारों की चिकित्सा सहायता ₹5 लाख करने के प्रस्ताव पर नजर।

Haryana Cabinet Meeting : हरियाणा कैबिनेट की आज होने वाली बैठक में कुछ ऐसे प्रस्ताव चर्चा में रह सकते हैं, जिन पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर टिकी हुई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा सिविल सचिवालय में सुबह 11 बजे होने वाली बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सरकारी आवास के पीनल रेंट में माफी, हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के पूर्व चेयरमैन राजबीर फौगाट के बकाया किराये और पत्रकारों की चिकित्सा सहायता बढ़ाने जैसे मुद्दे उठने की संभावना है।
हालांकि, इन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी मिलती है या नहीं, इसकी पुष्टि कैबिनेट के आधिकारिक फैसलों के बाद ही होगी।
हुड्डा की कोठी के पीनल रेंट पर फिर नजर
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सरकारी आवास से जुड़े पीनल रेंट का मामला एक बार फिर चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनके आवास पर करीब 27 लाख रुपये की बकाया राशि बताई जा रही है।
इससे पहले भी पीनल रेंट माफ करने का प्रस्ताव कैबिनेट में आया था, लेकिन कुछ मंत्रियों की आपत्तियों के चलते उस समय इस पर फैसला नहीं हो पाया था। अब इस मुद्दे के दोबारा सामने आने की संभावना के बीच यह देखना अहम होगा कि सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है।
यदि प्रस्ताव पर विचार होता है, तो सरकारी आवास के बकाया किराये में राहत देने से जुड़े नियमों और वित्तीय पहलुओं पर भी ध्यान रहेगा।
राजबीर फौगाट के करीब ₹38 लाख के बकाये का मामला
हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के पूर्व चेयरमैन राजबीर फौगाट के आवास से संबंधित किराये का मुद्दा भी संभावित एजेंडे में शामिल हो सकता है। दी गई जानकारी के अनुसार, उनके नाम पर करीब 38 लाख रुपये की बकाया राशि बताई जा रही है।
इस राशि को माफ करने के प्रस्ताव पर सरकार विचार करती है या नहीं, यह बैठक के दौरान सामने आ सकता है। दोनों आवासों से जुड़े मामलों में संभावित राहत को लेकर सरकार के निर्णय पर निगाहें रहेंगी।
पत्रकारों की चिकित्सा सहायता ₹5 लाख करने का प्रस्ताव
कैबिनेट बैठक में पत्रकारों के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाने का प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण हो सकता है। चर्चा है कि बीमारी के दौरान पत्रकारों को मिलने वाली आर्थिक मदद की सीमा मौजूदा 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने पर विचार किया जा सकता है।
यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो जरूरतमंद पत्रकारों और उनके परिवारों को इलाज के खर्च में अतिरिक्त आर्थिक मदद मिल सकती है। हालांकि, सहायता की पात्रता और नई राशि लागू होने से संबंधित शर्तें आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होंगी।



