हरियाणा में पर्यटन को मिलेगा नया निवेश मॉडल, PPP के जरिए विकसित होंगे प्रमुख पर्यटन स्थल

चंडीगढ़। हरियाणा में पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार अब निजी निवेश की भागीदारी बढ़ाने की तैयारी में है। सरकार प्रदेश के चुनिंदा पर्यटन स्थलों और पर्यटन परिसरों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इसके जरिए निजी क्षेत्र की पूंजी, तकनीकी विशेषज्ञता और प्रबंधन क्षमता को सरकारी प्रयासों के साथ जोड़ा जाएगा।
हरियाणा के सहकारिता, कारागार, पर्यटन, विरासत एवं निर्वाचन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित ‘एसोचैम स्वरा राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन’ में प्रदेश के पर्यटन विकास को लेकर सरकार की योजनाओं और रोडमैप की जानकारी दी। सम्मेलन में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद रहे।
PPP मॉडल से पर्यटन स्थलों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि हरियाणा सरकार पर्यटन स्थलों के विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाने पर काम कर रही है। प्रस्तावित PPP मॉडल के तहत निजी निवेश के साथ आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और पर्यटकों के लिए सुविधाओं को विकसित किया जाएगा।
सरकार का जोर इस बात पर रहेगा कि पर्यटन स्थलों का आधुनिकीकरण करते समय उनकी ऐतिहासिक पहचान, प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरणीय संतुलन सुरक्षित रहे। यानी पर्यटन विकास के साथ विरासत और प्रकृति के संरक्षण को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार और स्थानीय कारोबार के अवसर
मंत्री के अनुसार, पर्यटन को केवल घूमने-फिरने से जुड़े क्षेत्र के तौर पर नहीं, बल्कि निवेश, रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था, नवाचार और सांस्कृतिक विरासत से जोड़कर व्यापक विकास मॉडल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से होटल, परिवहन, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प, गाइड सेवाओं और अन्य छोटे कारोबारों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे पर्यटन स्थलों के आसपास रहने वाले लोगों की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
हरियाणा को प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की तैयारी
राज्य सरकार का लक्ष्य हरियाणा को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करना है। इसके लिए धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं को एक साथ विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
हरियाणा में सूरजकुंड, पिंजौर, कुरुक्षेत्र और मोरनी जैसे स्थलों के अलावा ग्रामीण और विरासत पर्यटन को भी आगे बढ़ाने की संभावनाएं हैं। PPP मॉडल के माध्यम से ऐसे स्थलों पर पर्यटकों के लिए सुविधाओं, प्रबंधन और अनुभव को बेहतर बनाने के लिए निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता का इस्तेमाल किया जा सकता है।
विरासत और पर्यावरण संरक्षण रहेगा प्राथमिकता में
पर्यटन परियोजनाओं में निजी निवेश बढ़ाने के साथ सरकार के सामने विरासत और पर्यावरण को सुरक्षित रखने की चुनौती भी होगी। डॉ. अरविंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि पर्यटन स्थलों के विकास में प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक स्वरूप को संरक्षित रखना प्राथमिकता रहेगी।
इससे संकेत है कि सरकार पर्यटन के व्यावसायिक विस्तार के साथ-साथ उन स्थलों की मूल पहचान को बनाए रखने पर भी ध्यान दे रही है।
निवेश से लेकर रोजगार तक व्यापक असर की उम्मीद
PPP आधारित पर्यटन परियोजनाओं के जरिए सरकार को निजी पूंजी आकर्षित करने के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इससे होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, परिवहन, स्थानीय उत्पादों तथा अन्य संबंधित सेवाओं को भी लाभ मिल सकता है।
क्या है सरकार की दिशा?
- चुनिंदा पर्यटन स्थलों को PPP मॉडल पर विकसित करने की योजना
- निजी निवेश और विशेषज्ञता को सरकारी प्रयासों से जोड़ना
- पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं विकसित करना
- ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
- प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण पर फोकस
- पर्यटन के जरिए रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना
- हरियाणा को प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में काम



