हर जरूरतमंद महिला और बच्चे तक पहुंचे सरकारी योजनाओं का लाभ, CM सैनी ने अधिकारियों को दिए निर्देश

चंडीगढ़, 25 सितंबर 2026: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदेश की हर पात्र महिला और बच्चे तक प्रभावी तरीके से पहुंचे। उन्होंने विशेष रूप से किराये के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों को सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तेज करने को कहा।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को चंडीगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, विभाग की निदेशक डॉ. प्रियंका सोनी और मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव अजय कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
किराये के आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए भवन निर्माण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन किराये की इमारतों में हो रहा है, उनके लिए स्थायी भवन उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को सरकारी भूमि के साथ-साथ स्कूल परिसरों में उपलब्ध जमीन और अन्य उपयुक्त स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी धर्मशालाओं और अन्य उपलब्ध संसाधनों का आकलन किया जाए, जहां आवश्यक सुविधाओं के साथ आंगनवाड़ी केंद्र संचालित किए जा सकते हैं। भवन निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समन्वय से उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया।
महिलाओं और किशोरियों को मुफ्त सैनिटरी पैड
बैठक में महिला एवं किशोरी सम्मान योजना की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने पात्र बीपीएल महिलाओं और किशोरियों को गुणवत्तापूर्ण सैनिटरी पैड नि:शुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने लाभार्थियों का व्यवस्थित पंजीकरण करने और वितरण का रिकॉर्ड रखने को कहा। रिकॉर्ड में लाभार्थी का नाम, फोन नंबर और जरूरी जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जन औषधि केंद्रों तथा स्कूलों के माध्यम से सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी जोर दिया। जरूरत के अनुसार डिस्पेंसिंग मशीनें लगाने और वितरित किए जाने वाले उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मिशन वात्सल्य के तहत बच्चों की सुविधाओं की समीक्षा
बैठक में मिशन वात्सल्य के अंतर्गत चल रहे चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने इन संस्थानों में रहने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने चिल्ड्रन होम के भवनों के रिनोवेशन और नियमित रखरखाव के साथ वहां सोलर पैनल लगाने की दिशा में भी काम करने को कहा। अधिकारियों को इन संस्थानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की लगातार निगरानी हो सके।
जुवेनाइल जस्टिस फंड बढ़ाकर 10 करोड़ करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने जुवेनाइल जस्टिस फंड की राशि बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही यौन अपराध और पॉक्सो एक्ट के तहत पीड़ितों को मिलने वाली तत्काल सामाजिक एवं वित्तीय सहायता को 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों को निर्धारित प्रावधानों के तहत समय पर सहायता मिले और इसके लिए प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए।
बच्चों की पढ़ाई और आत्मनिर्भरता पर फोकस
चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस में रहने वाले बच्चों की शिक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों के शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने को कहा।
दिव्यांग बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ निजी स्कूलों में पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले बच्चों के लिए उचित शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनाथ और देखभाल की जरूरत वाले बच्चों को शिक्षा एवं पालन-पोषण के लिए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग मिलना चाहिए, ताकि वे आगे चलकर आत्मनिर्भर बन सकें।



