Haryana

हरियाणा में नशा तस्करों पर बड़ा प्रहार! 9 महीने में 6,824 गिरफ्तार, 71 ड्रग कार्टेल रडार पर

चंडीगढ़। हरियाणा में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस और हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) ने कार्रवाई तेज कर दी है। प्रदेश में अब तक 71 ड्रग कार्टेल की पहचान की जा चुकी है। वहीं, जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान NDPS एक्ट के तहत 3,809 मामले दर्ज कर 6,824 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। नशा तस्करी से जुड़े मामलों में 113 केसों के तहत ₹19.52 करोड़ की संपत्तियां भी अटैच की गई हैं।

प्रदेश में नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए अब साइबर जांच, वित्तीय लेन-देन की निगरानी और तस्करी से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई को और मजबूत करने की तैयारी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई HSNCB की उच्चस्तरीय बैठक में इन कदमों की समीक्षा की गई।

डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए तस्करी पर भी नजर

हरियाणा सरकार नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों से होने वाले अपराधों पर विशेष ध्यान दे रही है। HSNCB के चेयरमैन संजय कुमार ने बैठक में बताया कि प्रदेश में 71 ड्रग कार्टेल की पहचान की गई है और उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के प्रयास जारी हैं।

डार्कनेट के माध्यम से होने वाली नशा तस्करी और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े लेन-देन की जांच के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ विकसित किया जा रहा है। इसके जरिए नशे के अवैध कारोबार से जुड़े डिजिटल नेटवर्क और वित्तीय गतिविधियों की जांच को मजबूत करने की योजना है।

2025 के मुकाबले बढ़े NDPS के मामले और गिरफ्तारियां

हरियाणा पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान दर्ज मामलों और गिरफ्तारियों की संख्या पिछले साल की समान अवधि से अधिक रही।

कार्रवाई जनवरी–सितंबर 2025 जनवरी–सितंबर 2026
NDPS एक्ट के तहत मामले 2,722 3,809
गिरफ्तार आरोपी 5,393 6,824
वाणिज्यिक मात्रा के मामले 346 380
मध्यवर्ती मात्रा के मामले 1,887 2,844

आंकड़ों के मुताबिक, मध्यवर्ती मात्रा से जुड़े मामलों में 50.72 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वाणिज्यिक मात्रा के मामलों की संख्या भी 346 से बढ़कर 380 हो गई।

ये आंकड़े पुलिस कार्रवाई में बढ़ोतरी दर्शाते हैं। हालांकि, केवल मामलों और गिरफ्तारियों की संख्या से नशे की समस्या में कमी या वृद्धि का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

नशा तस्करों की ₹19.52 करोड़ की संपत्तियां अटैच

नशा तस्करी से जुड़े आर्थिक नेटवर्क पर कार्रवाई के तहत जनवरी से सितंबर 2026 के बीच 113 मामलों में ₹19.52 करोड़ की संपत्तियां अटैच की गईं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, संपत्तियों के अटैचमेंट के मूल्य में 229.72 प्रतिशत और इससे संबंधित मामलों में 130.61 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

हरियाणा ने नशा तस्करी से जुड़ी संपत्तियां अटैच करने के लिए सालाना ₹30 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक इस लक्ष्य के मुकाबले ₹19.52 करोड़ की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं।

इसके अतिरिक्त ₹15.09 करोड़ की संपत्तियों से जुड़े प्रस्ताव सक्षम प्राधिकारी के विचाराधीन हैं। यानी इन प्रस्तावों पर अभी निर्णय होना बाकी है।

2007 से अब तक ₹86.52 करोड़ की संपत्तियां अटैच

बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2007 से सितंबर 2026 तक 534 प्रभावित व्यक्तियों से संबंधित 318 मामलों में कुल ₹86.52 करोड़ की संपत्तियां अटैच की गई हैं।

सरकार की रणनीति का उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार में शामिल नेटवर्क पर कार्रवाई करने के साथ-साथ उससे जुड़े वित्तीय संसाधनों को भी निशाने पर लेना है, ताकि तस्करी के नेटवर्क को आर्थिक रूप से कमजोर किया जा सके।

नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए बहुआयामी रणनीति

गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यों को नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य दिया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए समय-सीमा तय कर बहुआयामी रणनीति पर काम करने की जरूरत है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वर्ष 2026-29 के लिए तैयार की जा रही राष्ट्रीय मादक पदार्थ नियंत्रण रूपरेखा के अनुरूप हरियाणा की रणनीति को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।

प्रदेश में आगे साइबर जांच, ड्रग कार्टेल की वित्तीय गतिविधियों की निगरानी, दवाओं और रसायनों के दुरुपयोग पर अंकुश तथा अभियोजन प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर रहेगा। अब देखना होगा कि इन कदमों से नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने और अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण में कितनी सफलता मिलती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button